Ear Infection : अक्सर हम सोचते हैं कि कान का इंफेक्शन या दर्द सिर्फ सर्दियों में ठंड लगने की वजह से होता है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गर्मियों और इसके ठीक बाद आने वाले उमस (Humidity) के मौसम में Ear Infection की समस्या दोगुनी हो जाती है। इसे मेडिकल की भाषा में ‘ओटिटिस एक्सटर्ना‘ (Otitis Externa) या आम बोलचाल में ‘स्विमर्स ईयर‘ (Swimmer’s Ear) और ‘हॉट वेदर ईयर‘ भी कहा जाता है।
आइए सबसे पहले यह समझते हैं कि आखिर इस मौसम में हमारे कानों पर आफत क्यों आती है।
Ear Infection : गर्मियों में क्यों बढ़ जाता है Ear Infection का खतरा? (Main Causes)
हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार, गर्मियों में हमारे लाइफस्टाइल और मौसम में कुछ ऐसे बदलाव होते हैं जो बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ावा देते हैं:
1. स्विमिंग और पानी का जमा होना (Trapped Water): गर्मी से राहत पाने के लिए लोग स्विमिंग पूल, वाटर पार्क या नदियों में नहाना पसंद करते हैं। जब हम तैरते हैं, तो कान के अंदर पानी चला जाता है। अगर यह पानी लंबे समय तक कान की नली (Ear Canal) में फंसा रह जाए, तो वहां नमी बनी रहती है। यह नमी बैक्टीरिया और फंगस (जैसे कैंडिडा और एस्परजिलस) के पनपने के लिए सबसे परफेक्ट जगह बन जाती है।
2. अत्यधिक पसीना और उमस (Sweat and Humidity): मई और जून के महीने में उमस का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। शरीर के साथ–साथ हमारे कान के अंदरूनी हिस्सों में भी पसीना आता है। कान के अंदर की त्वचा संवेदनशील होती है और लगातार नमी के कारण वहां की सुरक्षात्मक परत कमजोर हो जाती है, जिससे Ear Infection आसानी से हमला कर देता है।
3. ईयरफोन और ईयरबड्स का बढ़ता इस्तेमाल (Excessive Earphone Use): वर्क फ्रॉम होम हो या गानों का शौक, लोग घंटों कान में ईयरफोन ठूंसे रहते हैं। गर्मी में ईयरफोन लगाने से कान के अंदर हवा का वेंटिलेशन बंद हो जाता है, जिससे पसीना अंदर ही फंस जाता है। इसके अलावा, दूसरों के ईयरफोन बिना साफ किए इस्तेमाल करने से भी बैक्टीरिया ट्रांसफर होते हैं।
4. गलत तरीके से कान की सफाई: कई लोगों की आदत होती है कि कान में जरा सी खुजली हुई नहीं कि वे माचिस की तीली, हेयर पिन या कॉटन बड्स (Ear Buds) डाल देते हैं। गर्मी में त्वचा सूखी या अत्यधिक नम होने के कारण इन चीजों से कान के अंदर बारीक कट्स लग जाते हैं। इन कट्स के रास्ते कीटाणु अंदर घुस जाते हैं और घाव बना देते हैं।
कान में इंफेक्शन के मुख्य लक्षण (Symptoms to Watch Out For)
अगर आपको या आपके बच्चे को नीचे दिए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें:
- कान के अंदर लगातार या तेज खुजली होना।
- कान के बाहरी हिस्से को छूने या खींचने पर असहनीय दर्द होना।
- कान में भारीपन या ऐसा महसूस होना जैसे अंदर पानी या कुछ फंसा हुआ है।
- सुनाई देने में दिक्कत होना या आवाज का गूंजना (Muffled Hearing)।
- कान से सफेद, पीला या बदबूदार तरल पदार्थ (Pus) निकलना।
- गंभीर मामलों में कान के दर्द के साथ सिरदर्द या हल्का बुखार आना।
एक्सपर्ट्स से जानें बचाव के अचूक उपाय (Prevention Tips)
गर्मियों के इस मौसम में अपने कानों को सुरक्षित और हेल्दी रखने के लिए डॉक्टरों ने कुछ बेहद आसान और जरूरी गाइडलाइंस बताई हैं, जिनका पालन हर किसी को करना चाहिए:
कांटों को हमेशा सूखा रखें (Keep Ears Dry)
जब भी आप नहाकर या स्विमिंग करके निकलें, तो अपने कानों को साफ और मुलायम तौलिए या सूती कपड़े से अच्छी तरह सुखाएं। अपने सिर को एक तरफ झुकाएं ताकि फंसा हुआ पानी अपने आप बाहर निकल जाए।
स्विमिंग के समय ईयरप्लग्स का इस्तेमाल करें
अगर आप नियमित रूप से स्विमिंग करते हैं, तो वॉटरप्रूफ ईयरप्लग्स (Waterproof Earplugs) पहनना कभी न भूलें। यह पानी को कान के अंदर जाने से रोकता है।
कॉटन बड्स और नुकीली चीजों को कहें ‘नो‘
यह बात गांठ बांध लें कि कान को खुद से साफ करने के लिए अंदर कोई भी चीज न डालें। हमारे कान में बनने वाला वैक्स (Earwax) असल में एक नेचुरल प्रोटेक्टर है जो बैक्टीरिया को अंदर जाने से रोकता है। इसे बार–बार साफ करने की जरूरत नहीं होती।
ईयरफोन को रोजाना करें सैनिटाइज
अपने ईयरफोन, हेडफोन या ईयरबड्स को किसी और के साथ शेयर करने से बचें। हफ्ते में कम से कम दो बार इन्हें डिसइंफेक्टेंट या अल्कोहल वाइप्स से जरूर साफ करें, ताकि इन पर जमा पसीना और बैक्टीरिया खत्म हो सकें।
एसी से सीधे धूप में जाने से बचें
अचानक तापमान का बदलना भी कानों के प्रेशर को प्रभावित करता है। जब आप ठंडे एसी रूम से तुरंत 45 डिग्री की धूप में जाते हैं, तो साइनस और कान की नलियों में सूजन आ सकती है, जो आगे चलकर Ear Infection का कारण बनती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
कान हमारे शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक हैं। एक छोटी सी लापरवाही भी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। इस गर्मी के मौसम में स्विमिंग और मस्ती का पूरा आनंद लें, लेकिन अपने कानों की हाइजीन से कोई समझौता न करें। अगर ऊपर बताए गए उपायों के बाद भी कान का दर्द 24 घंटे से ज्यादा बना रहता है या कान से मवाद निकलता है, तो तुरंत किसी ईएनटी (ENT) स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाएं। खुद से कोई भी ईयर ड्रॉप डालने की गलती बिल्कुल न करें।

