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नौतपा की 50 डिग्री वाली गर्मी भी हो जाएगी फेल! बस अपनी रूटीन में आज ही कर लें ये 5 बदलाव, बॉडी रहेगी AC जैसी कूल

नौतपा की भयंकर गर्मी में हाइड्रेटेड रहने के लिए सत्तू का शरबत, खीरा और ताज़ा नारियल पानी पीता हुआ व्यक्ति।

नौतपा के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बदलाव

नौतपा के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बदलाव : उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में सूरज देवता अपनी आग बरसा रहे हैं। पारा 45 डिग्री को पार कर चुका है और कुछ शहरों में तो यह 50 डिग्री के आंकड़े को छूने की ज़िद पर अड़ा है। इस भयंकर तपिश के बीच, 25 मई से साल के सबसे गर्म 9 दिन यानीनौतपाकी शुरुआत हो चुकी है। ज्योतिष और विज्ञान दोनों मानते हैं कि इन 9 दिनों में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे भयंकर लू (Heatwave), डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और कमजोरी जैसी परेशानियां घेर लेती हैं।

ऐसे में खुद को फ्रेश और फिट रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। लेकिन घबराइए मत! आज हम आपको बताने जा रहे हैं नौतपा के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बदलाव, जिन्हें अपनी डेली लाइफस्टाइल में शामिल करके आप इस जानलेवा गर्मी को भी आसानी से मात दे सकते हैं।

नौतपा के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बदलाव : क्या होता है नौतपा और यह क्यों है इतना खतरनाक?

जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है। इन 9 दिनों में सनातन परंपरा और मौसम विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि गर्मी अपने चरम पर होती है। इस समय चलने वाली गर्म पछुआ हवाएं शरीर की सारी एनर्जी सोख लेती हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में देशवासियों से इस भीषण गर्मी में सुरक्षित रहने, खूब पानी पीने और बुजुर्गों व जानवरों का ख्याल रखने की अपील की है।

अगर इस मौसम में सावधानी न बरती जाए, तो हीट स्ट्रोक (लू लगना) का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए अपनी दिनचर्या को रीसेट करना बेहद जरूरी हो गया है।

नौतपा के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बदलाव: 5 अचूक तरीके

अपनी बॉडी को अंदर से एयर कंडीशनर जैसा ठंडा रखने के लिए आपको सुबह से लेकर रात तक की आदतों में कुछ बेसिक फेरबदल करने होंगे। आइए जानते हैं उनके बारे में:

1. हाइड्रेशन का बदलें नियम: सिर्फ पानी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स हैं जरूरी

नौतपा में पसीने के रास्ते हमारे शरीर से सिर्फ पानी नहीं, बल्कि जरूरी मिनरल्स और सोडियम भी बाहर निकल जाते हैं। इसलिए सिर्फ सादा पानी पीना काफी नहीं है।

2. खानपान में लाएं ये बड़े बदलाव: नो ऑयल, ओनली वॉटर बेस्ड फूड्स

गर्मियों में हमारी पाचन क्रिया (Digestive System) थोड़ी सुस्त हो जाती है। इसलिए इस मौसम में भारी भोजन आपके पेट में जलन और एसिडिटी बढ़ा सकता है।

3. घर से बाहर निकलने की टाइमिंग बदलें

नौतपा के दौरान सूरज की धूप सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सबसे ज़्यादा खतरनाक और जानलेवा होती है।

4. वॉर्डरोब रीसेट: कपड़ों के रंग और फैब्रिक पर दें ध्यान

इस मौसम में टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनना मतलब आफत को दावत देना है।

5. तापमान का रखें संतुलन (Temperature Management)

अक्सर लोग चिलचिलाती धूप से आते ही सीधे एसी के सामने बैठ जाते हैं या फ्रीज का ठंडा पानी गटक लेते हैं। यह आदत सबसे ज्यादा बीमार करती है।

आयुर्वेद का अनोखा नुस्खा: प्याज और पुदीना है रामबाण

आयुर्वेद में कच्चे प्याज को लू की सबसे अचूक दवा माना गया है। यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को सोख लेता है। नौतपा के दिनों में अपने खाने के साथ कच्चा प्याज और पुदीने की चटनी ज़रूर खाएं। पुरानी परंपराओं के अनुसार, हाथ और पैर के तलवों में मेहंदी या चंदन का लेप लगाने से भी शरीर की हीट बाहर निकलती है और तुरंत ठंडक मिलती है।

हीट स्ट्रोक (लू लगना) के लक्षणों को करें नजरअंदाज

अगर आपको या आपके आसपास किसी को नीचे दिए गए लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत सावधान हो जाएं:

ज़रूरी सलाह: लू के लक्षण दिखने पर मरीज के माथे, हाथ और पैरों के तलवों पर ठंडी पट्टी रखें, उन्हें ओआरएस (ORS) या नींबू पानी दें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

नौतपा का यह समय वाकई सेहत के लिहाज से बेहद नाजुक होता है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी और अपनी लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करके आप पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं। पीएम मोदी की सलाह को याद रखेंखूब पानी पिएं, बेजुबान जानवरों के लिए छत या बालकनी पर पानी का कटोरा रखें और घर के बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ख्याल रखें। इस नौतपा में सेहतमंद रहें, सुरक्षित रहें!

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