दिल्ली से 15 दिन में 800 से ज्यादा लोगों के गायब होने की खबर का सच : पिछले कुछ दिनों से वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम पर एक मैसेज और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 1 से 15 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली से 807 लोग लापता हुए हैं। इस खबर ने खासकर महिलाओं और माता-पिता के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया।
दिल्ली से 15 दिन में 800 से ज्यादा लोगों के गायब होने की खबर का सच : दिल्ली से 800 लोगों के गायब होने की खबर का सच
- पुलिस का स्पष्टीकरण: दिल्ली पुलिस ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और साफ किया कि यह खबर पूरी तरह से भ्रामक है। पुलिस के अनुसार:
- आंकड़ों में गिरावट: असल में, जनवरी 2026 में लापता होने वाले लोगों की संख्या पिछले सालों के मुकाबले कम रही है।
- कोई संगठित गिरोह नहीं: सोशल मीडिया पर ‘बच्चा चोर गिरोह’ या ‘किडनी रैकेट’ जैसी जो बातें कही जा रही हैं, पुलिस ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। अभी तक किसी भी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
- रिकवरी रेट: पुलिस ने बताया कि गायब होने वाले अधिकांश लोग (लगभग 80-90%) कुछ ही दिनों में ढूंढ लिए जाते हैं। कई मामलों में लोग पारिवारिक विवाद या निजी कारणों से घर छोड़कर चले जाते हैं और बाद में वापस लौट आते हैं।
अफवाहों के जाल में न फंसने के लिए इन 5 बातों का रखें ध्यान
आजकल ‘फेक न्यूज’ का दौर है। अफवाहें सिर्फ डर नहीं फैलातीं, बल्कि कभी-कभी लिंचिंग जैसी हिंसक घटनाओं का कारण भी बन जाती हैं। एक जागरूक नागरिक के तौर पर आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- स्रोत की जांच करें (Verify the Source): जब भी कोई सनसनीखेज खबर देखें, तो सबसे पहले यह देखें कि वह कहां से आई है। क्या वह किसी प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल या अखबार की वेबसाइट पर है? या सिर्फ किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फॉरवर्ड किया गया मैसेज है?
- आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल देखें: दिल्ली पुलिस या भारत सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स (जैसे X/Twitter पर @DelhiPolice) को फॉलो करें। किसी भी बड़ी घटना पर पुलिस तुरंत वहां अपडेट देती है।
- पुरानी तस्वीरों और वीडियो से बचें: अफवाह फैलाने वाले अक्सर सालों पुराने वीडियो या किसी फिल्म के सीन को आज की घटना बताकर शेयर करते हैं। वीडियो की तारीख और जगह पर ध्यान दें।
- बिना सोचे-समझे ‘फॉरवर्ड’ न करें: मैसेज के नीचे ‘Forwarded many times’ लिखा होना इस बात का संकेत है कि यह एक वायरल कंटेंट है जिसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है। जब तक आप खुद सुनिश्चित न हों, उसे आगे न भेजें।
- फैक्ट चेक वेबसाइट्स की मदद लें: विश्वास न्यूज, ऑल्ट न्यूज़ या पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) जैसी वेबसाइट्स भ्रामक खबरों का पर्दाफाश करती हैं। आप वहां जाकर खबर की सच्चाई जान सकती हैं।
सावधानी ही सुरक्षा है
हालांकि खबर झूठी निकली, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम सुरक्षा को लेकर लापरवाह हो जाएं। दिल्ली जैसे महानगर में सुरक्षा के लिए कुछ बुनियादी कदम उठाना जरूरी है:
- रात के समय अकेले अनजान रास्तों पर जाने से बचें।
- अपने फोन में ‘112’ (इमरजेंसी नंबर) और दिल्ली पुलिस की ‘Himmat Plus’ ऐप जरूर रखें।
- घर से बाहर निकलते समय अपने किसी करीबी को अपनी लाइव लोकेशन शेयर करें।
निष्कर्ष
दिल्ली से 15 दिन में 800 से ज्यादा लोगों के गायब होने की खबर का सच यही है कि यह डर पैदा करने के लिए फैलाया गया एक भ्रामक प्रचार था। दिल्ली पुलिस मुस्तैद है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षित रहें।

