Chamunda Devi Temple : एंटरटेनमेंट की दुनिया में कब कौन सी बात ‘वायरल‘ होकर ‘विवाद‘ बन जाए, कहा नहीं जा सकता। पिछले कुछ महीनों से रणवीर सिंह अपनी फिल्म ‘कांतारा‘ (Kantara) के क्लाइमेक्स सीन की नकल करने और ‘चामुंडी दैवा‘ को गलती से ‘घोस्ट‘ (Ghost) कहने के कारण चर्चा में थे। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर माफी मांगी थी, लेकिन कर्नाटक हाई कोर्ट में चल रहे मामले के दौरान यह महसूस किया गया कि सार्वजनिक रूप से और व्यक्तिगत रूप से माफी मांगना कहीं ज्यादा ज़रूरी है।
इसी वजह से अब रणवीर सिंह कर्नाटक के मैसूर स्थित प्रसिद्ध Chamunda Devi Temple जाने वाले हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मंदिर इतना खास क्यों है? क्यों यहाँ जाना रणवीर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है?
Chamunda Devi Temple : क्या है पूरा विवाद? (Kantara Controversy Explained)
यह सब शुरू हुआ नवंबर 2025 में गोवा में आयोजित ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया‘ (IFFI) के दौरान। स्टेज पर रणवीर सिंह ने ‘कांतारा‘ के अभिनेता ऋषभ शेट्टी की तारीफ करते हुए फिल्म के उस मशहूर ‘दैवा‘ वाले सीन की नकल की।
- चूक कहाँ हुई? उत्साह में आकर रणवीर ने उस पवित्र शक्ति (चामुंडी दैवा) को ‘फीमेल घोस्ट‘ कह दिया।
- जनता का गुस्सा: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के लोगों के लिए ‘दैवा‘ कोई भूत–प्रेत नहीं, बल्कि उनके रक्षक देवता हैं। उनकी भावनाओं को ठेस पहुँची और मामला कोर्ट तक पहुँच गया।
- कोर्ट का रुख: कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि सेलिब्रिटीज को अपनी बातों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। इसके बाद रणवीर सिंह ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे खुद मंदिर जाकर क्षमा याचना करेंगे।
Chamunda Devi Temple: कहाँ है यह मंदिर और क्या है इसका इतिहास?
कर्नाटक के मैसूर (Mysuru) शहर से लगभग 13 किलोमीटर दूर चामुंडी पहाड़ियों (Chamundi Hills) की चोटी पर स्थित यह मंदिर न केवल कर्नाटक, बल्कि पूरे भारत के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
1. महिषासुर का वध और मंदिर की उत्पत्ति
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी पहाड़ी पर देवी दुर्गा ने ‘महिषासुर‘ नाम के राक्षस का वध किया था। महिषासुर के नाम पर ही इस शहर का नाम ‘महिषुरु‘ पड़ा, जो बाद में ‘मैसूर‘ बन गया। देवी ने यहाँ चामुंडेश्वरी (चामुंडा) का रूप धारण किया था, इसलिए इन्हें मैसूर की ‘नाद देवी‘ (राज्य की देवी) माना जाता है।
2. ऐतिहासिक महत्व और वास्तुकला
- 12वीं शताब्दी की शुरुआत: इस मंदिर का मूल निर्माण होयसला शासकों द्वारा 12वीं शताब्दी में किया गया था।
- गोपुरम: मंदिर का सात मंजिला भव्य प्रवेश द्वार (गोपुरम) विजयनगर साम्राज्य के शासकों और बाद में मैसूर के वाडियार राजवंश (Wodeyars) द्वारा बनवाया गया।
- 1000 सीढ़ियां: मंदिर तक पहुँचने के लिए 1000 सीढ़ियां हैं, जिन्हें 17वीं शताब्दी में बनवाया गया था। रास्ते में ही 700वीं सीढ़ी पर एक विशाल ‘नंदी‘ की प्रतिमा है, जो एक ही काले पत्थर से तराशी गई है।
3. मैसूर राजपरिवार की कुलदेवी
मैसूर का शाही परिवार (Wodeyars) चामुंडा देवी को अपनी कुलदेवी मानता है। विश्व प्रसिद्ध ‘मैसूर दशहरा‘ के दौरान देवी की मूर्ति को सोने के हौदे (Golden Howdah) पर रखकर हाथी की सवारी निकाली जाती है।
चामुंडा देवी मंदिर की खासियतें (Key Highlights)
अगर आप कभी यहाँ जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन खास बातों को ज़रूर जानें:
- शक्तिपीठ: इसे 18 महाशक्तिपीठों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ माता सती के बाल गिरे थे।
- अष्टभुजा मूर्ति: मंदिर के गर्भगृह में देवी की अष्टभुजा (आठ हाथों वाली) प्रतिमा है, जो सोने की है।
- प्राकृतिक सुंदरता: 3300 फीट की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहाँ से पूरे मैसूर शहर का नज़ारा ‘बर्ड्स आई व्यू‘ की तरह दिखता है।
- शांति और ऊर्जा: यहाँ की सकारात्मक ऊर्जा और शांत वातावरण भक्तों को अपनी ओर खींचता है।
रणवीर सिंह का मंदिर जाना क्यों है अहम?
रणवीर सिंह का Chamunda Devi Temple जाना सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान दिखाने का एक तरीका है।
- सांस्कृतिक संवेदनशीलता: यह कदम दिखाता है कि आधुनिक कलाकार भी अपनी जड़ों और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं।
- एक मिसाल: यह अन्य सार्वजनिक हस्तियों के लिए भी एक सबक है कि शब्दों का चयन सोच–समझकर करना चाहिए, खासकर जब बात किसी की आस्था की हो।
- प्रायश्चित: दक्षिण भारत में ‘दैवा‘ परंपरा बहुत गहरी है। रणवीर का वहां जाकर सिर झुकाना उस समुदाय के घावों पर मरहम लगाने जैसा होगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
गलतियां इंसान से ही होती हैं, लेकिन अपनी गलती को स्वीकार कर उसे सुधारने का प्रयास करना ही बड़प्पन है। रणवीर सिंह का Chamunda Devi Temple जाने का फैसला उनके इसी बड़प्पन को दर्शाता है। मैसूर का यह मंदिर न केवल वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र भी है।
उम्मीद है कि रणवीर की इस यात्रा के बाद यह विवाद सुलझ जाएगा और लोग एक बार फिर उनकी अदाकारी पर ध्यान दे पाएंगे।

