जून में घूमने की जगहें : गर्मियों का पारा जैसे–जैसे बढ़ रहा है, हर किसी का मन पहाड़ों की ठंडी वादियों में खो जाने का कर रहा है। जून का महीना आते ही लोग अपनी गाड़ियां उठाकर हिल स्टेशन्स की तरफ भागने लगते हैं। लेकिन रुकिए! अगर आप भी इस जून में अपने पार्टनर के साथ ऋषिकेश या मसूरी जाने का प्लान बना रहे हैं, तो जरा सोशल मीडिया पर वहां के ट्रैफिक जाम के वीडियो देख लीजिए। पहाड़ों की ठंडी हवा खाने की चाहत में आपको घंटों गाड़ियों के धुएं और हॉर्न के शोर में बिताना पड़ सकता है।
अगर आप दिल्ली-NCR की तपती गर्मी से दूर, अपने पार्टनर के साथ कुछ बेहद निजी, शांत और यादगार पल बिताना चाहते हैं, तो आपको भीड़भाड़ वाली घिसी–पिटी जगहों को छोड़ना होगा। इस बार हम आपको उत्तराखंड के उन 3 छिपे हुए रत्नों (Hidden Gems) के बारे में बताएंगे जो ऋषिकेश और मसूरी के बेहद पास हैं, लेकिन वहां आपको रेंगता हुआ ट्रैफिक और पर्यटकों का हुजूम नहीं मिलेगा। आइए जानते हैं जून में घूमने की जगहें जो आपके वेकेशन को रोमांटिक और शांतिपूर्ण बना देंगी।
जून में घूमने की जगहें : क्यों चुनें ऑफबीट डेस्टिनेशन्स?
मसूरी की मॉल रोड पर तिल रखने की जगह नहीं होती और ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला के पास जाम में ही आधा दिन निकल जाता है। ऐसे में कनातल, धनौल्टी और चकराता जैसे शांत इलाके आपको वो सुकून देते हैं जिसके लिए आप पहाड़ों पर जाते हैं। यहां न तो गाड़ियों की कतारें हैं और न ही होटलों के लिए मारामारी। सिर्फ आप, आपके पार्टनर और प्रकृति की बेमिसाल खूबसूरती।
1. कनातल (Kanatal) – बादलों के बीच बसा एक रोमांटिक कोना
अगर आप भीड़भाड़ से कोसों दूर सिर्फ चिड़ियों की चहचहाहट और देवदार के पेड़ों की सरसराहट सुनना चाहते हैं, तो कनातल आपके लिए परफेक्ट चॉइस है। मसूरी से महज 48 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह छोटा सा हिल स्टेशन समुद्र तल से लगभग 8,500 फीट की ऊंचाई पर बसा है। जून में घूमने की जगहें तलाशने वाले कपल्स के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है।
कनातल की खासियत
- दूरी: मसूरी से करीब 48 किमी
- मुख्य आकर्षण: सुरकंडा देवी मंदिर, कौड़िया फॉरेस्ट, टिहरी झील (हवाई दृश्यों के लिए)
- मौसम: जून में भी शामें बेहद ठंडी और सुहावनी
कनातल में पार्टनर के साथ क्या करें?
कनातल में आप अपने पार्टनर का हाथ थामकर कौड़िया जंगल (Kaudia Forest) में लंबी वॉक पर निकल सकते हैं। इस घने जंगल में आपको प्रकृति को बिल्कुल करीब से देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, अगर आप दोनों को थोड़ी एडवेंचर पसंद है, तो आप पास ही मौजूद टिहरी झील (Tehri Lake) जा सकते हैं, जहां वॉटर स्पोर्ट्स का आनंद लिया जा सकता है। शाम के समय पहाड़ों के पीछे छिपते सूरज को देखना आपके ट्रिप का सबसे रोमांटिक पल साबित होगा।
2. धनौल्टी (Dhanaulti) – शांत वादियों और मखमली घास के मैदान
मसूरी के बिल्कुल करीब होने के बावजूद धनौल्टी ने अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता को बचाकर रखा है। चिलचिलाती गर्मी में जब मसूरी पर्यटकों से खचाखच भर जाता है, तब धनौल्टी की ठंडी हवाएं और सन्नाटा आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाता है। जून में घूमने की जगहें ढूंढ रहे लोगों के लिए यह बजट–फ्रेंडली और सुलभ विकल्प है।
धनौल्टी का पूरा गाइड
- दूरी: मसूरी से सिर्फ 32 किमी
- मुख्य आकर्षण: इको पार्क (Eco Park), आलू फार्म, सुरकंडा देवी ट्रेक
- बेस्ट एक्टिविटी: कैंपिंग, स्टारगेजिंग (रात में तारे देखना), नेचर वॉक
क्यों खास है धनौल्टी का सफर?
धनौल्टी का मुख्य आकर्षण यहां के दो इको पार्क ‘अंबर‘ और ‘धारा‘ हैं। देवदार के ऊंचे–ऊंचे पेड़ों के बीच बने इन पार्कों में बैठकर आप घंटों अपने पार्टनर के साथ बातें कर सकते हैं। यहां का शांत वातावरण और पहाड़ों से दिखने वाली बर्फ की चोटियां आपके मन को पूरी तरह शांत कर देंगी। अगर आपको ट्रेकिंग का शौक है, तो आप सुरकंडा देवी मंदिर तक का छोटा और खूबसूरत ट्रेक भी कर सकते हैं। रात के समय यहां का आसमान इतना साफ होता है कि आप कैंप के बाहर बैठकर स्टारगेजिंग का मजा ले सकते हैं।
3. चकराता (Chakrata) – झरनों और गुफाओं का रहस्यमयी संसार
अगर आप और आपके पार्टनर थोड़े खोजी स्वभाव के हैं और आपको ऐसी जगहें पसंद हैं जहां कम से कम इंसानी दखल हो, तो चकराता का रुख करें। देहरादून जिले में स्थित चकराता एक छावनी (Cantonment) कस्बा है, जिसकी वजह से यहां आज भी गजब की साफ–सफाई और शांति बनी हुई है। जून में घूमने की जगहें लिस्ट में चकराता को शामिल करना आपके समर वेकेशन को सबसे अलग बना देगा।
चकराता की ट्रैवल डायरी
- दूरी: मसूरी से लगभग 98 किमी
- मुख्य आकर्षण: टाइगर फॉल्स (Tiger Falls), बुधेर गुफाएं (Budher Caves), चिलमिरी नेक
- वातावरण: पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और नो–ट्रैफिक जोन
चकराता की अनसुनी खूबसूरती
चकराता का ‘टाइगर फॉल्स‘ उत्तराखंड के सबसे ऊंचे झरनों में से एक है। पहाड़ों के बीच से करीब 50 मीटर की ऊंचाई से गिरते इस झरने के ठंडे पानी में समय बिताना बेहद रिफ्रेशिंग होता है। इसके अलावा, आप ‘चिलमिरी नेक‘ जा सकते हैं, जहां से हिमालय की विशाल चोटियों का 360-डिग्री व्यू दिखाई देता है। शाम के समय यहां ठंडी हवाओं के बीच मैगी खाना और चाय पीना एक अलग ही सुकून देता है। चूंकि यह मिलिट्री एरिया के अंतर्गत आता है, इसलिए यहां आपको किसी भी तरह का कमर्शियल शोर या ट्रैफिक जाम देखने को नहीं मिलेगा।
पार्टनर के साथ इस ट्रिप को कैसे बनाएं यादगार?
इन ऑफबीट जगहों पर जाने का मतलब ही है कि आप भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक ले रहे हैं। अपने इस सफर को और खूबसूरत बनाने के लिए इन टिप्स को जरूर फॉलो करें:
- डिजिटल डिटॉक्स: पहाड़ों में जाते ही कुछ समय के लिए ऑफिस के ईमेल्स और सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग को बंद कर दें। अपना पूरा वक्त अपने पार्टनर और वहां के खूबसूरत नजारों को दें।
- लोकल होमस्टे चुनें: बड़े और महंगे होटलों की जगह पहाड़ों में बने खूबसूरत होमस्टे (Homestays) में रुकें। इससे आपको न सिर्फ स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी खाने का स्वाद मिलेगा, बल्कि शांति भी मिलेगी।
- रोड ट्रिप का मजा लें: चूंकि इन रास्तों पर ट्रैफिक बहुत कम होता है, इसलिए खुद ड्राइव करके या बाइक रेंट पर लेकर घूमना एक बेहतरीन अनुभव हो सकता है। रास्ते के खूबसूरत मोड़ों पर रुककर तस्वीरें खिंचवाना न भूलें।
निष्कर्ष: इस जून भीड़ नहीं, सुकून चुनिए!
छुट्टियों का मतलब सिर्फ घर से निकलना नहीं, बल्कि अपनी मानसिक थकान को दूर करना होता है। ऋषिकेश और मसूरी अपनी जगह बेहद खूबसूरत हैं, लेकिन जून के महीने में वहां का ट्रैफिक और भीड़ आपकी छुट्टियों का मजा किरकिरा कर सकती है। इसलिए, समझदारी दिखाएं और इस बार जून में घूमने की जगहें चुनते वक्त कनातल, धनौल्टी या चकराता जैसी शांत और ‘No Traffic’ जगहों को प्राथमिकता दें।
यकीन मानिए, इन शांत वादियों में बिताए पल आपके और आपके पार्टनर के रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूत और खुशनुमा बना देंगे। तो फिर देर किस बात की? अपनी पैकिंग शुरू कीजिए, गाड़ी की टंकी फुल कराइए और निकल पड़िए एक शांत, खूबसूरत और जादुई सफर पर!

