आजकल हर जगह आधार कार्ड की मांग होती है, चाहे बैंक खाता खुलवाना हो या सिम कार्ड लेना। अब सरकार चाहती है कि हमारी मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) भी आधार से जुड़ी हो। इसका सबसे बड़ा कारण पारदर्शिता है।
Voter ID को आधार से लिंक करना क्यों है जरूरी? (Why is it Necessary?)
अक्सर देखा गया है कि एक ही व्यक्ति के पास अलग-अलग शहरों या विधानसभा क्षेत्रों के वोटर कार्ड होते हैं। इससे फर्जी वोटिंग की संभावना बढ़ जाती है। आधार से लिंक होने पर:
- फर्जी वोटर कार्ड पर लगाम: एक व्यक्ति का नाम केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र में रहेगा।
- डुप्लीकेट एंट्री खत्म: सिस्टम अपने आप पहचान लेगा कि कहीं एक ही आधार पर दो कार्ड तो नहीं बने हैं।
- पहचान की सुरक्षा: आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
- सरकारी लाभ में आसानी: चुनाव प्रक्रिया को डिजिटल और साफ-सुथरा बनाने में मदद मिलेगी।
आधार और वोटर आईडी लिंक करने के शानदार फायदे (Benefits of Linking)
अगर आप सोच रहे हैं कि आपको इससे क्या फायदा होगा, तो जरा इन पॉइंट्स पर नजर डालिए:
- तेज वेरिफिकेशन: भविष्य में जब भी आप अपना पता बदलेंगे या कार्ड में सुधार कराएंगे, तो आधार लिंक होने की वजह से यह काम बहुत जल्दी हो जाएगा।
- डिजिटल ई-एपिक (e-EPIC): लिंक होने के बाद आप अपना डिजिटल वोटर आईडी कार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
- चुनाव में पारदर्शिता: आप देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दे रहे हैं।
- एकल पहचान (Single Identity): आपको अलग-अलग दस्तावेजों के लिए बार-बार भटकना नहीं पड़ेगा।
वोटर आईडी को आधार से लिंक करने का सबसे सेफ ऑनलाइन तरीका (Safest Online Method)
घबराइए मत! इसके लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही 5 मिनट में यह काम कर सकते हैं। यहाँ स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस दिया गया है:
1. Voter Helpline App के जरिए (सबसे आसान तरीका)
सबसे पहले अपने फोन में Voter Helpline App डाउनलोड करें।
- ऐप खोलें और ‘Voter Registration’ विकल्प पर क्लिक करें।
- यहाँ आपको ‘Electoral Authentication Form (Form 6B)’ दिखेगा, उसे चुनें।
- ‘Let’s Start’ पर क्लिक करें और अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉगिन करें।
- अपनी वोटर आईडी डिटेल्स डालें और ‘Fetch Details’ पर क्लिक करें।
- अब अपना आधार नंबर, स्थान (Place) और मोबाइल नंबर भरकर ‘Confirm’ कर दें।
- आपको एक Reference ID मिलेगी, जिसे आप स्टेटस चेक करने के लिए संभाल कर रखें।
2. NVSP पोर्टल के जरिए (Official Website)
राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (www.nvsp.in) पर जाएं।
- अपनी आईडी से लॉगिन करें (अगर नहीं है तो रजिस्टर करें)।
- होमपेज पर ‘Form 6B’ का चुनाव करें।
- अपनी एपिक (EPIC) संख्या और आधार डिटेल्स भरें।
- सबमिट बटन पर क्लिक करते ही आपका आवेदन दर्ज हो जाएगा।
3. SMS के जरिए (बिना इंटरनेट के)
अगर आपके पास छोटा फोन है या इंटरनेट नहीं है, तो भी कोई बात नहीं। बस एक मैसेज भेजें:
- टाइप करें:
ECILINK <voter id number> <aadhaar number> - इसे 166 या 51969 पर भेज दें।
क्या यह लिंक करना अनिवार्य (Mandatory) है?
अक्सर लोग डर जाते हैं कि क्या इसके बिना वोट नहीं दे पाएंगे? तो आपको बता दें कि फिलहाल यह प्रक्रिया स्वैच्छिक (Voluntary) है। सरकार या चुनाव आयोग ने इसे अनिवार्य नहीं किया है, लेकिन एक जागरूक नागरिक होने के नाते यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप इसे लिंक करें ताकि चुनाव प्रणाली में सुधार हो सके।
सावधानी बरतें: फ्रॉड से बचें!
आजकल आधार के नाम पर बहुत से स्कैम हो रहे हैं। याद रखें:
- कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके आधार नंबर न डालें।
- हमेशा Voter Helpline App या NVSP की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।
- कोई भी सरकारी अधिकारी आपसे फोन पर OTP नहीं मांगता।
निष्कर्ष
Voter ID को आधार से लिंक करना न केवल सरकार के लिए बल्कि हमारे लिए भी फायदेमंद है। यह हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत और निष्पक्ष बनाता है। तो देर किस बात की? आज ही ऊपर दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें और अपने कार्ड को लिंक करें।
अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें ताकि वो भी जागरूक हो सकें!

