मूड स्विंग्स : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का प्रेशर, अधूरी नींद और खानपान में गड़बड़ी के कारण हमारे दिमाग मेंहैप्पी हार्मोन्स‘ (जैसे एंडोर्फिन और सेरोटोनिन) का लेवल कम हो जाता है। इसका सीधा असर हमारे व्यवहार पर पड़ता है। अक्सर महिलाएं पीरियड्स, प्रेगनेंसी या मेनोपॉज के दौरान इस समस्या से ज्यादा जूझती हैं, लेकिन आजकल पुरुष और युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं।

जब आपको मूड स्विंग्स होते हैं, तो न केवल आप खुद परेशान होते हैं, बल्कि आपके आसपास के लोग और आपके रिश्ते भी प्रभावित होने लगते हैं। बाजार में मिलने वाली एंटीस्ट्रेस दवाइयों के कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इसलिए सबसे बेहतरीन और सुरक्षित तरीका है— ‘योग योग न केवल हमारे शरीर को स्ट्रेच करता है, बल्कि यह हमारे नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को शांत करके सीधे हमारे मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। आइए जानते हैं उन 4 जादुई योगासनों के बारे में, जिन्हें रोज करने से आपका मूड हमेशा सातवें आसमान पर रहेगा।

मूड स्विंग्स : मूड को तुरंत बूस्ट करने वाले 4 सबसे असरदार योगासन

इन आसनों को आप सुबह खाली पेट या शाम को चाय पीने से 3 घंटे पहले बेहद आसानी से घर पर कर सकते हैं:

1. बालासन (Child’s Pose – मन को शांत करने वाला)

यह आसन तनाव और चिंता को दूर करने के लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन आसन माना जाता है। इसमें आपको घुटनों के बल बैठकर आगे की तरफ झुकना होता है और अपना माथा जमीन से छूना होता है। जब आप इस स्थिति में आते हैं, तो आपके दिमाग को एक गहरा आराम मिलता है और रीढ़ की हड्डी का तनाव कम होता है। यह आपके सेंट्रल नर्वस सिस्टम को शांत करता है, जिससे गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन तुरंत गायब हो जाते हैं।

2. अधोमुख श्वानासन (Downward-Facing Dog – ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाला)

यह एक कोमल उलटा (Inversion) आसन है, जिसमें आपका सिर आपके दिल से नीचे होता है। इस वजह से आपके चेहरे और मस्तिष्क की तरफ शुद्ध ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह (Blood Flow) तेजी से बढ़ता है। अगर आपको थकान, सिरदर्द या डिप्रेशन जैसा महसूस हो रहा है, तो यह आसन मात्र 1 मिनट में आपके शरीर को रीचार्ज कर देता है और आपके बिगड़े हुए मूड को एकदम फ्रेश बना देता है।

3. सेतुबंधासन (Bridge Pose – हार्मोनल संतुलन के लिए)

मूड स्विंग्स का एक बड़ा कारण थाइराइड ग्रंथि का असंतुलन भी होता है। सेतुबंधासन करते समय जब आप अपनी पीठ और कूल्हों को ऊपर उठाते हैं, तो आपकी छाती और फेफड़े पूरी तरह खुलते हैं। यह आसन थाइराइड ग्लैंड को उत्तेजित करता है और शरीर में हैप्पी हार्मोन्स के स्राव को बढ़ाता है। यह चिंता को कम करने और मन में सकारात्मक ऊर्जा भरने में बेहद मददगार है।

4. शवासन (Corpse Pose – गहरी विश्रांति के लिए)

लोग अक्सर शवासन को बहुत हल्का समझते हैं, लेकिन यह सबसे पावरफुल आसनों में से एक है। पीठ के बल सीधे लेटकर पूरे शरीर को ढीला छोड़ देना और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करना आपके अव Conscious माइंड को हील करता है। यह शरीर में बढ़े हुए कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) के स्तर को तेजी से नीचे लाता है।

योग शुरू करने का सही और सुरक्षित तरीका (Yoga Sequence)

यदि आप पहली बार योग कर रहे हैं, तो अपने शरीर को बिना किसी झटके या चोट के सही मोड में लाने के लिए नीचे दिए गए क्रम को फॉलो करें:

1.सुखासन और गहरी सांसें (वार्मअप)

सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर सुखासन (चौकड़ी मारकर) में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और 2 से 3 मिनट तक गहरी लंबी सांसें लें और छोड़ें। इससे आपका भटकता हुआ दिमाग एक जगह स्थिर होने लगेगा।

2.स्ट्रेचिंग और बालासन का अभ्यास

अब वज्रासन में आएं और धीरेधीरे आगे झुकते हुए बालासन की मुद्रा अपनाएं। इस स्थिति में कम से कम 5 से 7 लंबी सांसें लें। यह आपके शरीर को आगे के आसनों के लिए तैयार करेगा।

3.एक्टिव पोजेस (अधोमुख श्वानासन और सेतुबंधासन)

बालासन से सीधे उठकर अधोमुख श्वानासन की स्थिति में आएं और 30 सेकंड रुकें। इसके बाद पीठ के बल लेटकर सेतुबंधासन का अभ्यास करें। यह दोनों एक्टिव पोजेस आपके मस्तिष्क में ब्लड सप्लाई को बढ़ाएंगे।

4.शवासन के साथ समापन

सभी आसनों को करने के बाद कम से कम 5 मिनट के लिए शवासन की मुद्रा में लेट जाएं। अपने पूरे शरीर को बिल्कुल सुस्त और ढीला छोड़ दें। महसूस करें कि आपकी सारी नकारात्मकता और तनाव जमीन में समा रहे हैं।

योग के साथ इन छोटी बातों का भी रखें ध्यान (Quick Lifestyle Tips)

अगर आप चाहते हैं कि आपके मूड स्विंग्स जड़ से खत्म हो जाएं, तो योग मैट के बाहर भी आपको अपनी आदतों में ये 3 छोटे बदलाव करने होंगे:

  • कैफीन और जंक फूड को कहें ना: जब हमारा मूड खराब होता है, तो हम ज्यादा चाय, कॉफी या चॉकलेट खाने लगते हैं। इसमें मौजूद कैफीन और शुगर हमें थोड़ी देर के लिए तो अच्छा फील कराते हैं, लेकिन बाद में यह मूड को और ज्यादा बदतर बना देते हैं। इसकी जगह ताजे फल, नट्स और हर्बल टी का सेवन करें।
  • सिर की मालिश (Oil Massage): हफ्ते में कम से कम एक बार औषधीय तेल (जैसे भृंगराज या बादाम तेल) से अपने सिर की अच्छे से चंपी करें। यह आपकी नसों को रिलैक्स करता है और रात को बहुत गहरी और सुकून भरी नींद लाने में मदद करता है।
  • खुद से करें प्यार: याद रखिए, मूड का बदलना एक इंसानी स्वभाव है। इसके लिए खुद को कोसना बंद करें। जब भी मूड खराब हो, अपने आप को थोड़ा समय दें, अपनी पसंदीदा हॉबी को वक्त दें या बस शांत बैठें।

निष्कर्ष (Conclusion)

आपका मन और आपकी खुशियां पूरी तरह से आपके अपने हाथ में हैं। बदलते मूड और चिढ़चिढ़ेपन को अपनी किस्मत मानकर जीने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। दवाइयों के केमिकल के जाल में फंसने के बजाय प्रकृति के सबसे खूबसूरत उपहार यानीयोगको गले लगाइए। रोज सिर्फ 10 से 15 मिनट खुद को दीजिए और आप खुद महसूस करेंगे कि कैसे आपके मूड स्विंग्स की समस्या धीरेधीरे गायब हो जाएगी और आपका जीवन आनंद से भर जाएगा।

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