Vitamin D Deficiency : आजकल की इस मॉर्डन लाइफस्टाइल में हम सब इतने बिजी हो गए हैं कि अपनी सेहत पर ध्यान देना ही भूल जाते हैं। दिनभर एसी (AC) कमरों में बैठकर लैपटॉप पर काम करना, धूप से बचना और अनहेल्दी खानपानये सब मिलकर हमारे शरीर को अंदर से खोखला कर रहे हैं। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह भरपूर सोने के बाद भी दिनभर शरीर में थकान बनी रहती है? बिना कोई भारी काम किए भी पीठ, कमर और घुटनों में दर्द होने लगता है? या फिर जरा सा मौसम बदलते ही आप बीमार पड़ जाते हैं?

अगर हाँ, तो इसे मामूली कमजोरी समझकर इग्नोर (Ignore) करने की गलती बिल्कुल मत कीजिए। यह आपके शरीर का एक बड़ा अलार्म हो सकता है। इंटरनेट और हेल्थ केयर की दुनिया में इन दिनों एक बहुत ही जरूरी विषय पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही हैVitamin D Deficiency: विटामिन डी की कमी होने पर क्या होता है? डाइट में किन चीजों का रखना चाहिए ख्याल भारत की एक बहुत बड़ी आबादी, खासकर शहरों में रहने वाले लोग, इससनशाइन विटामिन‘ (Sunshine Vitamin) की भारी कमी से जूझ रहे हैं। आइए आज के इस ब्लॉग में डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक जानते हैं कि यह कमी हमारे शरीर के साथ क्या खेल खेलती है और कैसे हम अपनी डाइट को सुधारकर इसे हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं।

Vitamin D Deficiency : विटामिन डी की कमी के वो लक्षण जो लोग अक्सर पहचान नहीं पाते

विटामिन डी कोई साधारण विटामिन नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर में एक हार्मोन की तरह काम करता है। जब इसकी कमी होती है, तो हमारा शरीर कई तरह के इशारे देता है। चलिए देखते हैं कि Vitamin D Deficiency: विटामिन डी की कमी होने पर क्या होता है? डाइट में किन चीजों का रखना चाहिए ख्याल के तहत आपको किन लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए:

  •  हर वक्त सुस्ती और थकान रहना: अगर आप बिना किसी वजह के चौबीसों घंटे थका हुआ महसूस करते हैं, तो समझ जाइए कि आपके सेल्स को सही मात्रा में विटामिन डी नहीं मिल पा रहा है।
  •  हड्डियों और मांसपेशियों में लगातार दर्द: विटामिन डी का मुख्य काम भोजन से कैल्शियम को सोखना है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और कमर व जोड़ों में लगातार मीठामीठा दर्द बना रहता है।
  •  बारबार बीमार पड़ना: क्या आपको बहुत जल्दी सर्दी, खांसी या फ्लू हो जाता है? विटामिन डी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत रखता है। इसकी कमी से हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है।
  •  घाव भरने में समय लगना: अगर आपको कोई छोटीमोटी चोट या कट लग जाए और उसे ठीक होने में बहुत ज्यादा दिन लग रहे हों, तो यह भी शरीर में इस विटामिन के लोलेवल का संकेत है।
  •  बाल झड़ना और डिप्रेशन: अचानक से बहुत ज्यादा बाल गिरना और बिना बात के मूड खराब रहना या एंग्जायटी होना भी विटामिन डी की कमी से सीधा जुड़ा हुआ है।

नेचुरल तरीके से विटामिन डी लेवल बढ़ाने का स्टेपबायस्टेप रूटीन

अगर आपकी रिपोर्ट में विटामिन डी का लेवल कम आया है, तो घबराने की कोई बात नहीं है। आप कुछ बेहद आसान स्टेप्स को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाकर इसे कुदरती रूप से ठीक कर सकते हैं:

1.15-20 मिनट की गुनगुनी धूप लें:सुबह 7 से 9 बजे के बीच.

सूरज की रोशनी विटामिन डी का सबसे बड़ा और मुफ्त स्रोत है। सुबह की हल्की और गुनगुनी धूप में कम से कम 15 से 20 मिनट जरूर बैठें या टहलें। ध्यान रखें कि इस दौरान सनस्क्रीन न लगाएं, ताकि स्किन सीधे धूप को सोख सके।

2.विटामिन डी से भरपूर फूड्स शामिल करें:नाश्ते और लंच में.

धूप के अलावा अपनी डाइट को दुरुस्त करें। अपने भोजन में अंडे की जर्दी (Egg Yolk), फोर्टिफाइड दूध, पनीर और मशरूम को नियमित रूप से शामिल करें। अगर आप मांसाहारी हैं, तो सैल्मन और टूना जैसी फैटी फिश खा सकते हैं।

3.सप्लीमेंट्स और टेस्ट का शेड्यूल बनाएं:डॉक्टर की सलाह पर.

यदि कमी बहुत ज्यादा है (लेवल 20 ng/ml से कम है), तो सिर्फ धूप और डाइट से काम नहीं चलेगा। डॉक्टर की सलाह पर साप्ताहिक (Weekly) विटामिन डी3 के कैप्सूल या सिरप लें और हर 3 महीने में अपना ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं।

कैल्शियम चाहे आप कितना भी खा लें, अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो वो कैल्शियम हड्डियों तक नहीं पहुंचेगा बल्कि सीधे पेट से बाहर निकल जाएगा। इसलिए हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन डी पहली शर्त है।” — डॉक्टर हेल्थ गाइड

धूप वर्सेस डाइट: विटामिन डी के मुख्य स्रोतों की तुलना 

हम अक्सर सोचते हैं कि क्या सिर्फ खाना खाकर विटामिन डी की कमी पूरी की जा सकती है? आइए इस टेबल के जरिए दोनों स्रोतों के अंतर को आसान भाषा में समझते हैं:

स्रोत का नाम (Sources)

विटामिन डी की मात्रा (Daily Value %)

शरीर द्वारा सोखने की क्षमता (Absorption Rate)

सबसे बड़ा फायदा (Key Benefit)

सुबह की ताजी धूप (Sunlight)

80% से 90% तक (सर्वोत्तम)

बहुत तेज (स्किन सीधे बनाती है)

बिल्कुल मुफ्त और सबसे शुद्ध रूप, मूड भी फ्रेश रहता है

फैटी फिश / साल्मन (Non-Veg)

50% से 70% तक

मध्यम से तेज

ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन भी साथ में मिलता है

मशरूम और डेयरी प्रोडक्ट्स (Veg)

10% से 20% तक (कम)

मध्यम

शाकाहारी लोगों के लिए डेली रूटीन बनाए रखने का अच्छा जरिया

फोर्टिफाइड फूड्स / सप्लीमेंट्स

डॉक्टर की सलाह के अनुसार

बहुत तेज (कमी को तुरंत भरता है)

गंभीर कमी (Severe Deficiency) को रिकवर करने में मददगार

निष्कर्ष (Conclusion)

हमारी सेहत हमारे अपने हाथों में होती है। Vitamin D Deficiency: विटामिन डी की कमी होने पर क्या होता है? डाइट में किन चीजों का रखना चाहिए ख्याल के इस पूरे लेख से यह साफ है कि जरा सी लापरवाही आपके शरीर को बड़ी बीमारियों (जैसे ऑस्टियोपोरोसिस या आर्थराइटिस) की तरफ धकेल सकती है। सूरज देव हमें रोज मुफ्त में यह अनमोल विटामिन देते हैं, बस हमें अपने बिजी शेड्यूल से 15 मिनट निकालकर उनके सामने बैठना है।

साथ ही, अपनी थाली में दूध, दही, अंडा और मशरूम जैसी चीजों को शामिल करके आप अंदर से मजबूत और एनर्जेटिक बन सकते हैं। क्या आपने हाल ही में अपना विटामिन डी टेस्ट करवाया है? आपके शरीर में ऊपर बताए गए लक्षणों में से कौन सा लक्षण दिखता है? हमें नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। इस जरूरी और जीवन रक्षक जानकारी को अपने वाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर अपने करीबियों के साथ शेयर करना बिल्कुल न भूलें!

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