Shreya Ghoshal on Chikni Chameli :  बॉलीवुड की दुनिया में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता। लेकिन जब इंडस्ट्री की सबसे सुरीली औरसाफसुथरीछवि वाली सिंगर श्रेया घोषाल (Shreya Ghoshal) कुछ ऐसा कह दें जो सीधे हेडलाइंस बन जाए, तो हलचल मचनी लाजिमी है।

आज हम बात कर रहे हैं उस गाने की, जिसने 2012 में हर शादी, पार्टी और क्लब में आग लगा दी थीजी हां, फिल्मअग्निपथका सुपरहिट आइटम नंबर चिकनी चमेली लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस गाने पर कटरीना कैफ ने ठुमके लगाए और श्रेया की आवाज ने जादू बिखेरा, उसी गाने को लेकर आज 14 साल बाद सिंगर ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर फैंस दंग हैं।

Shreya Ghoshal on Chikni Chameli: क्या है पूरा मामला?

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब श्रेया घोषाल से उनके करियर और उनके द्वारा गाए गए गानों के बारे में पूछा गया, तो बातचिकनी चमेलीपर आकर रुक गई। श्रेया ने बहुत ही ईमानदारी से स्वीकार किया कि आज जब वह पीछे मुड़कर उस गाने के लिरिक्स (Lyrics) को सुनती हैं, तो उन्हें असहज महसूस होता है।

श्रेया ने कहा, मुझे ये सुनकर शर्म आती है…” उन्होंने साफ किया कि उस समय वह शायद उतनी परिपक्व नहीं थीं या इंडस्ट्री के दबाव में उन्होंने वो गाना गा दिया, लेकिन आज उनके विचार पूरी तरह बदल चुके हैं।

लिरिक्स को लेकर श्रेया को क्यों है पछतावा?

Shreya Ghoshal on Chikni Chameli के इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। श्रेया का मानना है कि गाने के बोल महिलाओं को जिस तरह से पेश करते हैं, वह सही नहीं था। उन्होंने विस्तार से बताया

  • ऑब्जेक्टिफिकेशन: गाने के बोल जैसेपौवा चढ़ा के आईया अन्य पंक्तियाँ महिलाओं के वस्तुकरण (Objectification) को बढ़ावा देती हैं।
  • बदलता नजरिया: श्रेया ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर अब वह बहुत चयनात्मक (Selective) हो गई हैं। वह नहीं चाहतीं कि उनके बच्चे या आज की पीढ़ी उन्हें ऐसे गानों के लिए याद करे।
  • जिम्मेदारी का अहसास: सिंगर का मानना है कि समाज में संगीत का गहरा असर होता है, इसलिए शब्दों का चयन बहुत सोचसमझकर होना चाहिए।

14 साल बाद ही क्यों टूटा मौन?

अक्सर लोग पूछते हैं कि जब गाना सुपरहिट हो गया, तब तो सब ठीक था, तो अब 14 साल बाद यह बयान क्यों? देखिए दोस्तों, वक्त के साथ इंसान की सोच बदलती है। श्रेया घोषाल आज केवल एक सिंगर नहीं, बल्कि एक ग्लोबल आइकन हैं।

उन्होंने बताया कि उस दौर में आइटम नंबर्स का एक क्रेज था औरअग्निपथजैसी बड़ी फिल्म का हिस्सा होना गर्व की बात थी। लेकिन आज, जब वह खुद एक माँ हैं और समाज में महिलाओं की स्थिति को बेहतर होते देखना चाहती हैं, तो उन्हें महसूस होता है किचिकनी चमेलीजैसे गानों के लिरिक्स और भी गरिमापूर्ण हो सकते थे।

क्या अब श्रेया नहीं गाएंगी आइटम सॉन्ग?

इंटरव्यू में श्रेया ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि वह अब भविष्य में ऐसे गानों से दूरी बनाए रखेंगी जिनमें महिलाओं को गलत तरीके से पेश किया गया हो। उन्होंने साफ कर दिया कि

  1. वह केवल उन्हीं गानों को चुनेंगी जो उनके सिद्धांतों के खिलाफ न हों।
  2. गानों केमसालेसे ज्यादा वह उसकीक्वालिटीपर ध्यान देंगी।
  3. लिरिक्स में अगर फूहड़ता होगी, तो वह सीधेनाकह देंगी।

सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन

जैसे ही Shreya Ghoshal on Chikni Chameli का यह बयान वायरल हुआ, इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया।

  • सपोर्टर्स: कई फैंस श्रेया की तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने इतनी हिम्मत दिखाई और अपनी गलती मानी। लोग कह रहे हैं किश्रेया हमेशा से ही क्लासिक रही हैं और उनका यह स्टैंड काबिले तारीफ है।
  • आलोचक: वहीं कुछ लोग इसे पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं। उनका कहना है किजब पैसे और फेम मिला तब कोई दिक्कत नहीं थी, अब नैतिकता याद आ रही है।

लेकिन सच तो यह है कि श्रेया घोषाल जैसी बड़ी कलाकार का यह कदम बॉलीवुड में आने वाले नए सिंगर्स के लिए एक मिसाल बनेगा कि आपको केवलहिटहोने के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि कंटेंट की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

निष्कर्ष: एक नई शुरुआत

श्रेया घोषाल का यह बयान केवल एक कमेंट नहीं है, बल्कि संगीत जगत के बदलते दौर का संकेत है। Shreya Ghoshal on Chikni Chameli विवाद हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि मनोरंजन के नाम पर हम क्या परोस रहे हैं।

तो दोस्तों, आपका क्या मानना है? क्या श्रेया घोषाल का 14 साल बाद पछतावा जताना सही है? या फिरचिकनी चमेलीजैसे गानों को सिर्फ मनोरंजन के नजरिए से ही देखना चाहिए? कमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर बताएं!

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