40 के बाद रोज करें ये 3 एक्सरसाइज : 40 की उम्र पार करते ही हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव आने लगते हैं। चाहे महिलाएं हों या पुरुष, अक्सर इस उम्र के बाद पीठ के निचले हिस्से में दर्द, शरीर का बैलेंस बिगड़ने, जल्दी थकान महसूस होने या खांसते-छींकते समय यूरिन लीक (Urine Leakage) होने जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं।
क्या आप जानते हैं कि इन तमाम दिक्कतों की सबसे बड़ी वजह क्या है? कमजोर कोर (Core) और ढीली पड़ चुकी पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor) मांसपेशियां!
पेल्विक फ्लोर हमारी रीढ़ की हड्डी, मूत्राशय और पेट के निचले अंगों को झूले की तरह सपोर्ट देती है। जब यह कमजोर होती है, तो शरीर का पूरा पोस्चर और संतुलन प्रभावित होता है। अच्छी खबर यह है कि जिम में घंटों पसीना बहाए बिना, सिर्फ घर पर 40 के बाद रोज करें ये 3 एक्सरसाइज, पेल्विक फ्लोर और कोर दोनों होंगे मजबूत!
आइए जानते हैं वे 3 जादुई एक्सरसाइज कौन सी हैं, जो आपके शरीर को फिर से 20 वाला लचीलापन और मजबूती दे सकती हैं।
1. ग्लूट ब्रिज (Glute Bridge): 40 के बाद रोज करें ये 3 एक्सरसाइज, पेल्विक फ्लोर और कोर दोनों होंगे मजबूत
यदि आप अपनी लोअर बैक के दर्द को खत्म करना चाहते हैं और पेल्विक हिस्से में कसावट लाना चाहते हैं, तो ग्लूट ब्रिज से बेहतर कोई वर्कआउट नहीं है। यह आपकी हिप्स, हैमस्ट्रिंग और पेट की अंदरूनी मांसपेशियों को एक साथ टारगेट करता है।
करने की सही विधि:
- योग मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और अपने घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर चपटा रखें।
- अपने दोनों हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें।
- सांस छोड़ते हुए अपने पेट की मांसपेशियों को टाइट करें और कूल्हों (Hips) को ऊपर की तरफ उठाएं।
- इस स्थिति में आपके घुटने, कूल्हे और कंधे एक सीधी रेखा में होने चाहिए।
- ऊपर पहुंचते ही पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ें और 5 सेकंड के लिए होल्ड करें।
- सांस लेते हुए धीरे-धीरे शुरुआती स्थिति में वापस आएं।
रेप्स: इसे रोज 10 से 12 बार के 3 सेट्स में करें।
2. बर्ड-डॉग एक्सरसाइज (Bird-Dog Exercise): स्टेबिलिटी और डीप कोर स्ट्रेंथ के लिए
बर्ड-डॉग एक्सरसाइज रीढ़ की हड्डी को स्थिर रखने, ग्लूट्स को मजबूत बनाने और शरीर का संतुलन सुधारने के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है। यह पेट की गहरी मांसपेशियों (Deep Core) को एक्टिवेट करती है।
करने की सही विधि:
- जमीन पर अपने दोनों हाथों और घुटनों के बल आ जाएं (टेबलटॉप पोजीशन)।
- आपकी हथेलियां कंधों के ठीक नीचे और घुटने कूल्हों के नीचे होने चाहिए।
- सांस छोड़ते हुए अपने दाहिने हाथ को सामने की ओर और बाएं पैर को पीछे की ओर बिल्कुल सीधा फैलाएं।
- पेट को अंदर की तरफ खींचकर रखें ताकि कमर पर कोई झटका न लगे।
- इस पोजीशन में 3 से 5 सेकंड रुकें, फिर वापस सामान्य स्थिति में आएं।
- अब यही प्रक्रिया बाएं हाथ और दाहिने पैर के साथ दोहराएं।
रेप्स: दोनों तरफ से 10-10 बार दोहराएं।
3. पेल्विक टिल्ट (Pelvic Tilt): यूरिन लीकेज और कमर दर्द से राहत
उम्र बढ़ने के साथ श्रोणि (Pelvic) का झुकाव बिगड़ने लगता है, जिससे रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। पेल्विक टिल्ट एक बेहद हल्की लेकिन असरदार एक्सरसाइज है जो लोअर एब्स और पेल्विक एरिया को मजबूत बनाती है।
करने की सही विधि:
- पीठ के बल सीधे लेट जाएं, घुटनों को मोड़ें और पैरों को फर्श पर सटा कर रखें।
- अपनी पीठ के निचले हिस्से और जमीन के बीच के स्वाभाविक अंतर को महसूस करें।
- अब सांस छोड़ते हुए पेट की मांसपेशियों को अंदर खींचें और अपनी पीठ के निचले हिस्से को जमीन की तरफ पूरी तरह दबाएं।
- इस दौरान अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को ऊपर की ओर खींचने का प्रयास करें।
- 5 से 10 सेकंड तक रोककर रखें और फिर ढीला छोड़ दें।
रेप्स: दिन में 10 से 15 बार इसका अभ्यास करें।
40 की उम्र के बाद पेल्विक फ्लोर वर्कआउट के बड़े फायदे
| फायदा | विवरण |
| यूरिन कंट्रोल में सुधार | खांसते, छींकते या हंसते समय होने वाले अनचाहे यूरिन लीकेज की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिलती है। |
| कमर दर्द से राहत | मजबूत कोर मसल्स रीढ़ की हड्डी को सहारा देती हैं, जिससे पुराना कमर दर्द गायब होने लगता है। |
| बेहतर बॉडी पोस्चर | शरीर का झुकाव ठीक होता है और चलने-फिरने या सीढ़ियां चढ़ने में संतुलन बना रहता है। |
| यौन स्वास्थ्य में सुधार | पेल्विक फ्लोर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरने से पुरुषों और महिलाओं दोनों के यौन स्वास्थ्य में सुधार आता है। |
वर्कआउट करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
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सांस लेने का सही तरीका: कभी भी एक्सरसाइज करते समय सांस न रोकें। जब मांसपेशियों को सिकोड़ें तो सांस बाहर छोड़ें।
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जल्दबाजी न करें: मूवमेंट को झटके से करने के बजाय धीरे-धीरे और कंट्रोल के साथ करें।
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नियमितता (Consistency): हफ्ते में कम से कम 4 से 5 दिन इन एक्सरसाइज का नियमित अभ्यास जरूर करें।
निष्कर्ष (Final Thoughts)
40 की उम्र के बाद अपने शरीर की बढ़ती जरूरतों को समझना और उसी अनुसार वर्कआउट चुनना बहुत जरूरी है। 40 के बाद रोज करें ये 3 एक्सरसाइज, पेल्विक फ्लोर और कोर दोनों होंगे मजबूत! आज ही से अपने डेली रूटीन में इन आसान अभ्यासों को शामिल करें और एक स्वस्थ, एक्टिव और दर्द-मुक्त जीवन की शुरुआत करें।




