Pink Saheli Card :  अगर आप भी डीटीसी (DTC) या क्लस्टर बसों में अक्सर सफर करती हैं, तो आपको पता ही होगा कि दिल्ली सरकार महिलाओं को फ्री सफर की सुविधा देती रही है। लेकिन अब साल 2026 में इसमें एक बहुत बड़ा बदलाव आया है। पुरानी गुलाबी कागजी टिकटों का जमाना अब खत्म होने वाला है और उनकी जगह लेने आ रहा है— Pink Saheli Card

Pink Saheli Card: दिल्ली सरकार का नया नियम, अब मुफ्त बस सफर के लिए बदल गई उम्र और शर्तें!

क्या आपको पता है कि अब सिर्फ दिल्ली में रहने वाली महिलाएं ही फ्री सफर कर पाएंगी? और क्या आपको अपनी उम्र का वो नया नियम पता है जिसके बिना आपका कार्ड नहीं बनेगा? चलिए, आज के इस ब्लॉग में ‘पिंक सहेली कार्ड’ की पूरी कुंडली खोलते हैं।

1. Pink Saheli Card के लिए कितनी होनी चाहिए उम्र?

सबसे बड़ा सवाल जो हर किसी के मन में है, वो है उम्र की सीमा। दिल्ली सरकार के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक:

  • न्यूनतम उम्र: पिंक सहेली कार्ड बनवाने के लिए आपकी उम्र 12 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

  • 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पहले की तरह ही नियम लागू रहेंगे, लेकिन 12 साल से ऊपर की हर लड़की, महिला और ट्रांसजेंडर नागरिक को मुफ्त सफर के लिए यह स्मार्ट कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा।

2. किसे मिलेगा इस कार्ड का असली फायदा? (Eligibility Criteria)

सरकार ने इस बार नियमों को थोड़ा सख्त किया है ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।

  • दिल्ली का निवासी होना जरूरी: इस योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जो दिल्ली की स्थायी निवासी हैं।

  • आधार कार्ड अनिवार्य: आपके पास दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड होना जरूरी है।

  • ट्रांसजेंडर समुदाय को भी लाभ: यह कार्ड सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए भी है, ताकि वे भी सम्मान के साथ फ्री यात्रा कर सकें।

3. एनसीआर (NCR) की महिलाओं के लिए क्या है नियम?

यहाँ एक छोटा सा झटका लग सकता है! अगर आप नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव या फरीदाबाद में रहती हैं और काम के सिलसिले में दिल्ली आती हैं, तो अब आपको फ्री सफर का लाभ नहीं मिल पाएगा। नए नियमों के अनुसार, Pink Saheli Card केवल दिल्ली के एड्रेस प्रूफ वालों का ही बनेगा। बिना इस कार्ड के, बाहरी शहरों से आने वाली महिलाओं को सामान्य टिकट खरीदना होगा।

4. पुराने पिंक टिकट का क्या होगा?

दिल्ली सरकार धीरे-धीरे कागजी पिंक टिकटों को बंद कर रही है। अब तक कंडक्टर बस में आपको गुलाबी टिकट फाड़कर देते थे, लेकिन अब आपको बस में चढ़ते ही कंडक्टर की ईटीएम (Electronic Ticketing Machine) पर अपना ‘पिंक सहेली कार्ड’ टैप करना होगा। यह सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगा।

5. पिंक सहेली कार्ड कैसे बनवाएं? (Application Process)

सरकार ने कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को बहुत आसान रखा है। आप इन जगहों पर जाकर अपना कार्ड बनवा सकती हैं:

  • DTC बस डिपो: आपके नजदीकी डीटीसी डिपो पर विशेष काउंटर खोले गए हैं।
  • SDM और DM ऑफिस: दिल्ली के सभी प्रशासनिक कार्यालयों में इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है।
  • Common Service Centres (CSC): आप अपने पास के जन सुविधा केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकती हैं।
  • बैंक काउंटर: सरकार ने कुछ चुनिंदा पेमेंट बैंकों (जैसे एयरटेल और मफिन बैंक) के साथ साझेदारी की है, जो इन काउंटरों को संभालेंगे।

जरूरी दस्तावेज:

  • दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड।
  • एक पासपोर्ट साइज फोटो।
  • मोबाइल नंबर (रजिस्ट्रेशन के लिए)।

6. इस नए सिस्टम के टॉप-5 फायदे

  • डिजिटल और आसान: अब बार-बार कंडक्टर से टिकट मांगने की झंझट खत्म। बस कार्ड टैप करें और सफर करें।
  • सुरक्षा: यह कार्ड ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) तकनीक पर आधारित है। इसमें आपका नाम और फोटो होगा, जिससे इसका गलत इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
  • भविष्य में मेट्रो में भी चलेगा: चर्चा है कि जल्द ही इसी एक कार्ड से आप बस के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो में भी सफर कर पाएंगी (मेट्रो के लिए इसमें अलग से बैलेंस डलवाना होगा)।
  • पारदर्शिता: सरकार को पता चल सकेगा कि कितनी महिलाएं वास्तव में सफर कर रही हैं, जिससे बजट और सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।
  • वित्तीय बचत: दिल्ली की कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए यह हर महीने ₹1500 से ₹2500 तक की बचत कराएगा।

7. ध्यान रखने वाली खास बातें

  • यह कार्ड पूरी तरह मुफ्त है, लेकिन अगर आप इसे खो देती हैं, तो दूसरा कार्ड बनवाने के लिए आपको मामूली शुल्क देना पड़ सकता है।
  • अगर आपके पास दिल्ली का आधार कार्ड नहीं है, तो आज ही अपना एड्रेस अपडेट करवा लें ताकि आप इस योजना से वंचित न रहें।
  • योजना का आधिकारिक लॉन्च 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) के आसपास होने की संभावना है।

निष्कर्ष (Conclusion)

दिल्ली सरकार का यह Pink Saheli Card कदम न केवल महिलाओं को आर्थिक आजादी देता है, बल्कि उन्हें डिजिटल इंडिया के साथ भी जोड़ता है। अगर आपकी उम्र 12 साल से ज्यादा है और आप दिल्ली की निवासी हैं, तो देर न करें! आज ही अपना आधार कार्ड उठाएं और नजदीकी केंद्र पर जाकर अपना पिंक सहेली कार्ड अप्लाई करें।

सफर सुरक्षित हो और सम्मानजनक भी—यही इस ‘पिंक सहेली’ का असली मकसद है।

आपको यह जानकारी कैसी लगी? कमेंट में जरूर बताएं और अपनी सहेलियों के साथ इस ब्लॉग को शेयर करना न भूलें!

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